औपचारिक पत्र (Aupcharik Patra): प्रारूप, प्रकार और 10 उदाहरण
Updated
औपचारिक पत्र (aupcharik patra) का सही प्रारूप, इसके प्रकार, संबोधन और समापन के नियम तथा 10 नए हल उदाहरण।

औपचारिक पत्र (aupcharik patra) वह पत्र है जो हम किसी अधिकारी, प्रधानाचार्य, संपादक, बैंक, कंपनी या सरकारी विभाग को किसी काम, शिकायत या अनुरोध के लिए लिखते हैं। इसका प्रारूप तय होता है: सेवा में (प्राप्तकर्ता का पद और पता), दिनांक, विषय, संबोधन (महोदय/महोदया), मुख्य भाग, समापन (भवदीय/प्रार्थी) और प्रेषक का नाम-पता। भाषा शिष्ट, सरल और संक्षिप्त रहती है।
इस लेख में aupcharik patra का प्रारूप, इसके प्रकार, संबोधन व समापन की तालिका, एक भरने योग्य पत्र और 10 नए हल उदाहरण दिए गए हैं।
Key Takeaways
- औपचारिक पत्र हमेशा “सेवा में” से शुरू होता है और इसमें “विषय” अनिवार्य है।
- संबोधन में “महोदय” या “महोदया” लिखें; नाम से संबोधन न करें।
- मुख्य भाग “सविनय निवेदन है कि” से शुरू करें और एक ही बात पर केंद्रित रहें।
- समापन में “भवदीय”, “भवदीया” या “प्रार्थी” लिखें; विद्यार्थी “आपका आज्ञाकारी शिष्य” लिखते हैं।
- CBSE कक्षा 10 हिंदी में पत्र लेखन 5 अंक का होता है; हिंदी-ब में केवल औपचारिक पत्र पूछा जाता है।
औपचारिक पत्र (Aupcharik Patra) क्या है?
जब हम किसी ऐसे व्यक्ति या कार्यालय को लिखते हैं जिससे हमारा निजी संबंध नहीं है, तो वह औपचारिक पत्र कहलाता है। ऐसे पत्र का उद्देश्य काम करवाना, जानकारी देना या शिकायत दर्ज करना होता है। इसलिए aupcharik patra में भावनाओं की जगह तथ्य, तारीख और स्पष्ट अनुरोध होता है।
स्कूल की परीक्षा के साथ-साथ रोज़मर्रा के जीवन में भी aupcharik patra की ज़रूरत पड़ती है। उदाहरण के लिए, बैंक में खाता बदलवाना, नगर निगम से शिकायत करना या नौकरी के लिए आवेदन करना, सब औपचारिक पत्र से होता है।
औपचारिक पत्र के प्रकार
| प्रकार | किसे लिखा जाता है | उदाहरण |
|---|---|---|
| प्रार्थना पत्र | प्रधानाचार्य, शिक्षक | अवकाश, शुल्क माफी, प्रमाण पत्र |
| शिकायती पत्र | नगर निगम, बिजली विभाग, पुलिस | सड़क, बिजली, पानी की समस्या |
| संपादक को पत्र | समाचार पत्र के संपादक | महँगाई, प्रदूषण, यातायात |
| व्यावसायिक पत्र | दुकानदार, प्रकाशक, कंपनी | पुस्तकें मँगवाना, सामान वापसी |
| आवेदन पत्र | नियोक्ता, विभाग | नौकरी हेतु आवेदन |
| कार्यालयी पत्र | सरकारी विभाग, बैंक | खाता, प्रमाण पत्र, सूचना |
Aupcharik Patra का प्रारूप
| क्रम | भाग | उदाहरण |
|---|---|---|
| 1 | सेवा में | सेवा में, |
| 2 | प्राप्तकर्ता का पद और पता | अधिशासी अभियंता, नगर निगम, लखनऊ |
| 3 | दिनांक | 14 अक्टूबर 2026 |
| 4 | विषय | मोहल्ले की टूटी सड़क की मरम्मत हेतु |
| 5 | संबोधन | महोदय, |
| 6 | मुख्य भाग | सविनय निवेदन है कि… (समस्या, प्रभाव, अनुरोध) |
| 7 | समापन | धन्यवाद सहित, भवदीय |
| 8 | प्रेषक | नाम, पता, मोबाइल नंबर |
मुख्य भाग कैसे लिखें
- पहला अनुच्छेद: अपना परिचय और समस्या या अनुरोध।
- दूसरा अनुच्छेद: समस्या का प्रभाव या अनुरोध का कारण।
- तीसरा अनुच्छेद: स्पष्ट माँग और समय-सीमा, जैसे “शीघ्र कार्रवाई करने की कृपा करें।”
संबोधन और समापन की तालिका
| प्राप्तकर्ता | संबोधन | समापन |
|---|---|---|
| प्रधानाचार्य | आदरणीय महोदय/महोदया, | आपका आज्ञाकारी शिष्य/आपकी आज्ञाकारिणी शिष्या |
| सरकारी अधिकारी | महोदय, | भवदीय/भवदीया |
| संपादक | महोदय, | भवदीय |
| दुकानदार या प्रकाशक | महोदय, | भवदीय |
| नौकरी के लिए नियोक्ता | महोदय, | प्रार्थी |
अपना औपचारिक पत्र तैयार करें
नीचे अपना विवरण भरें। पत्र अपने-आप तैयार होगा, और आप उसे कॉपी, प्रिंट या PDF में सेव कर सकते हैं।
सेवा में,
[अधिकारी का पद],
[विभाग/कार्यालय],
[शहर]
दिनांक:
विषय: [पत्र का विषय]
महोदय,
सविनय निवेदन है कि [अपनी समस्या या अनुरोध यहाँ लिखें]।
अतः आपसे अनुरोध है कि इस विषय में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा करें।
धन्यवाद सहित।
भवदीय,
[आपका नाम]
[आपका पता]
Aupcharik Patra के 10 उदाहरण
उदाहरण 1: नगर निगम को टूटी सड़क की मरम्मत हेतु पत्र
सेवा में,
अधिशासी अभियंता,
नगर निगम, लखनऊ
दिनांक: 14 अक्टूबर 2026
विषय: गोमती नगर की टूटी सड़क की मरम्मत हेतु
महोदय,
सविनय निवेदन है कि गोमती नगर, सेक्टर 4 की मुख्य सड़क पिछले तीन महीनों से टूटी हुई है। बरसात में गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे कई दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं।
अतः आपसे अनुरोध है कि सड़क की मरम्मत शीघ्र करवाने की कृपा करें।
भवदीय,
रमेश श्रीवास्तव
सचिव, निवासी कल्याण समिति
उदाहरण 2: बिजली विभाग को बार-बार बिजली कटौती की शिकायत
सेवा में,
अधिशासी अभियंता,
विद्युत वितरण खंड, पटना
दिनांक: 14 अक्टूबर 2026
विषय: बार-बार बिजली कटौती के संबंध में
महोदय,
सविनय निवेदन है कि कंकड़बाग क्षेत्र में पिछले दो सप्ताह से प्रतिदिन कई घंटे बिजली कटौती हो रही है। विद्यार्थियों की पढ़ाई और बुज़ुर्गों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।
कृपया इस समस्या का शीघ्र समाधान करें।
भवदीय,
सुनीता कुमारी
कंकड़बाग, पटना
उदाहरण 3: पुस्तक विक्रेता को पुस्तकें मँगवाने हेतु पत्र
सेवा में,
प्रबंधक,
राजकमल पुस्तक भंडार,
दरियागंज, नई दिल्ली
दिनांक: 14 अक्टूबर 2026
विषय: पुस्तकें मँगवाने हेतु
महोदय,
कृपया निम्नलिखित पुस्तकें वी.पी.पी. द्वारा शीघ्र भेजने का कष्ट करें:
1. गोदान (प्रेमचंद), 2 प्रतियाँ
2. हिंदी व्याकरण (कक्षा 10), 5 प्रतियाँ
3. हिंदी-अंग्रेज़ी शब्दकोश, 1 प्रति
पुस्तकें नए संस्करण की हों और कटी-फटी न हों। उचित छूट देने की कृपा करें।
भवदीय,
अंकित शर्मा
45, शास्त्री नगर, मेरठ
उदाहरण 4: नौकरी हेतु आवेदन पत्र
सेवा में,
प्रबंधक (मानव संसाधन),
सूर्या टेक्सटाइल्स प्रा. लि.,
सूरत
दिनांक: 14 अक्टूबर 2026
विषय: लेखा सहायक पद हेतु आवेदन
महोदय,
दैनिक भास्कर में प्रकाशित आपके विज्ञापन के संदर्भ में, मैं लेखा सहायक पद के लिए आवेदन कर रहा हूँ। मैंने बी.कॉम. किया है और मुझे टैली तथा जीएसटी रिटर्न का दो वर्ष का अनुभव है।
मेरा बायोडाटा संलग्न है। कृपया मुझे साक्षात्कार का अवसर दें।
प्रार्थी,
हितेश पटेल
मोबाइल: 98XXXXXX27
उदाहरण 5: संपादक को बढ़ती महँगाई पर पत्र
सेवा में,
संपादक महोदय,
अमर उजाला,
आगरा
दिनांक: 14 अक्टूबर 2026
विषय: बढ़ती महँगाई की ओर ध्यान दिलाने हेतु
महोदय,
मैं आपके लोकप्रिय समाचार पत्र के माध्यम से बढ़ती महँगाई की ओर सरकार का ध्यान दिलाना चाहता हूँ। दाल, सब्ज़ी और रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे मध्यम वर्ग का बजट बिगड़ गया है।
आशा है कि संबंधित विभाग कीमतों पर नियंत्रण के लिए उचित कदम उठाएगा।
भवदीय,
विनोद कुमार
कमला नगर, आगरा
उदाहरण 6: प्रधानाचार्य को पुस्तकालय में नई पुस्तकें मँगवाने हेतु
सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदया,
राजकीय कन्या विद्यालय,
अजमेर
दिनांक: 14 अक्टूबर 2026
विषय: पुस्तकालय में नई पुस्तकें मँगवाने हेतु
आदरणीय महोदया,
सविनय निवेदन है कि हमारे विद्यालय के पुस्तकालय में प्रतियोगी परीक्षाओं और हिंदी साहित्य की पुस्तकें बहुत कम हैं। इससे विद्यार्थियों को अतिरिक्त अध्ययन में कठिनाई होती है।
अतः आपसे निवेदन है कि पुस्तकालय के लिए नई पुस्तकें मँगवाने की कृपा करें।
आपकी आज्ञाकारिणी शिष्या,
प्रिया राठौर
कक्षा 10-ब
उदाहरण 7: डाकपाल को डाक वितरण में अनियमितता की शिकायत
सेवा में,
डाकपाल महोदय,
मुख्य डाकघर, जोधपुर
दिनांक: 14 अक्टूबर 2026
विषय: डाक वितरण में अनियमितता के संबंध में
महोदय,
सविनय निवेदन है कि रातानाडा क्षेत्र में पिछले एक महीने से डाक समय पर नहीं पहुँच रही है। कई लोगों के महत्वपूर्ण पत्र और बैंक दस्तावेज़ देर से मिले हैं।
कृपया इस क्षेत्र के डाक वितरण की जाँच कर उचित व्यवस्था करें।
भवदीय,
महेश गहलोत
रातानाडा, जोधपुर
उदाहरण 8: बैंक प्रबंधक को एटीएम कार्ड खोने की सूचना
सेवा में,
शाखा प्रबंधक,
पंजाब नेशनल बैंक,
सिविल लाइंस, कानपुर
दिनांक: 14 अक्टूबर 2026
विषय: एटीएम कार्ड खोने की सूचना एवं नया कार्ड जारी करने हेतु
महोदय,
मेरा बचत खाता (संख्या XXXXXXXX4521) आपकी शाखा में है। कल बाज़ार में मेरा एटीएम कार्ड खो गया। मैंने कस्टमर केयर पर फ़ोन करके कार्ड ब्लॉक करवा दिया है।
कृपया मुझे नया एटीएम कार्ड जारी करने की कृपा करें।
भवदीया,
कविता मिश्रा
मोबाइल: 97XXXXXX80
उदाहरण 9: स्वास्थ्य अधिकारी को मच्छरों के प्रकोप की शिकायत
सेवा में,
मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी,
नगर निगम, भोपाल
दिनांक: 14 अक्टूबर 2026
विषय: मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के संबंध में
महोदय,
सविनय निवेदन है कि अशोका गार्डन क्षेत्र की नालियों में पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। कई लोग डेंगू और मलेरिया से पीड़ित हैं।
कृपया क्षेत्र में दवा का छिड़काव और नालियों की सफ़ाई करवाने की कृपा करें।
भवदीय,
अरुण सक्सेना
अशोका गार्डन, भोपाल
उदाहरण 10: प्रधानाचार्य को चरित्र प्रमाण पत्र हेतु आवेदन
सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
सरस्वती विद्या मंदिर,
वाराणसी
दिनांक: 14 अक्टूबर 2026
विषय: चरित्र प्रमाण पत्र हेतु
आदरणीय महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैंने इस वर्ष आपके विद्यालय से कक्षा 12 उत्तीर्ण की है। मुझे महाविद्यालय में प्रवेश के लिए चरित्र प्रमाण पत्र की आवश्यकता है।
अतः कृपया मुझे चरित्र प्रमाण पत्र प्रदान करें।
आपका आज्ञाकारी शिष्य,
आदित्य पांडे
अनुक्रमांक 1245
औपचारिक और अनौपचारिक पत्र में अंतर
| आधार | औपचारिक पत्र | अनौपचारिक पत्र |
|---|---|---|
| प्राप्तकर्ता | अधिकारी, संस्था, संपादक | मित्र, परिवार, रिश्तेदार |
| विषय | अनिवार्य | नहीं लिखा जाता |
| भाषा | शिष्ट, संक्षिप्त, तथ्यात्मक | आत्मीय, सहज |
| शुरुआत | सेवा में | प्रेषक का पता और दिनांक |
| समापन | भवदीय/प्रार्थी | तुम्हारा मित्र/आपका पुत्र |
आम गलतियाँ
- विषय छोड़ देना: aupcharik patra में विषय न लिखने पर अंक कटते हैं।
- गलत समापन: अधिकारी को “आपका आज्ञाकारी शिष्य” न लिखें; “भवदीय” लिखें।
- लंबा मुख्य भाग: एक ही समस्या पर तीन छोटे अनुच्छेद पर्याप्त हैं।
- दिनांक भूलना: दिनांक हमेशा “सेवा में” वाले पते के बाद लिखें।
संबंधित लेख
पत्रों के दोनों प्रकार एक साथ समझने के लिए हमारा पत्र लेखन (patra lekhan) लेख पढ़ें। अंग्रेज़ी में यही प्रारूप formal letter writing और letter to editor format में समझाया गया है। और हिंदी प्रारूप हिंदी पत्र पृष्ठ पर हैं।
Frequently Asked Questions
औपचारिक पत्र (aupcharik patra) किसे कहते हैं?
जो पत्र किसी अधिकारी, प्रधानाचार्य, संपादक, बैंक या संस्था को किसी काम, शिकायत या अनुरोध के लिए लिखा जाता है, उसे औपचारिक पत्र कहते हैं।
औपचारिक पत्र की शुरुआत कैसे करें?
“सेवा में” लिखकर प्राप्तकर्ता का पद और पता लिखें, फिर दिनांक, विषय और “महोदय” संबोधन लिखें। मुख्य भाग “सविनय निवेदन है कि” से शुरू करें।
औपचारिक पत्र में समापन क्या लिखें?
अधिकारी, संपादक या संस्था को “भवदीय” या “भवदीया” लिखें। नौकरी के आवेदन में “प्रार्थी” और प्रधानाचार्य को “आपका आज्ञाकारी शिष्य” लिखें।
औपचारिक पत्र कितने प्रकार के होते हैं?
मुख्य रूप से प्रार्थना पत्र, शिकायती पत्र, संपादक को पत्र, व्यावसायिक पत्र, आवेदन पत्र और कार्यालयी पत्र।
क्या औपचारिक पत्र में विषय लिखना ज़रूरी है?
हाँ। विषय से पाठक तुरंत समझ जाता है कि पत्र किस बारे में है। परीक्षा में विषय न लिखने पर अंक कट सकते हैं।
CBSE कक्षा 10 में पत्र लेखन कितने अंक का है?
CBSE कक्षा 10 हिंदी में पत्र लेखन 5 अंक का होता है। हिंदी-ब में केवल औपचारिक पत्र पूछा जाता है।
औपचारिक पत्र कितने शब्दों में लिखें?
परीक्षा में लगभग 100 से 120 शब्द पर्याप्त हैं। अपने बोर्ड के नवीनतम नमूना प्रश्न पत्र में दी गई शब्द सीमा देखें।
अभ्यास कैसे करें
हर सप्ताह दो aupcharik patra लिखें, एक शिकायती और एक प्रार्थना पत्र। ऊपर दी गई तालिका से संबोधन और समापन का मिलान करें। और अधिक प्रारूपों के लिए हमारा school letters section देखें।
Related letters
पत्र लेखन (Patra Lekhan): प्रकार, प्रारूप और 10 उदाहरण
पत्र लेखन (patra lekhan) के प्रकार, औपचारिक और अनौपचारिक पत्र का सही…
Transfer Certificate Application in Hindi: टीसी के लिए प्रार्थना पत्र के 8 नमूने
Transfer certificate application in hindi: स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) के लिए प्रार्थना…
Notice Writing Class 12: Format and 10 Solved Examples
The CBSE notice format for Class 12 with ten fresh solved examples,…
Application for Bonafide Certificate: Format and Samples
How to write an application for bonafide certificate to your school or…
Placing Order Letter Class 10: CBSE Format and Samples
The CBSE format for a placing order letter in Class 10, with…
Letter to Editor Format with 8 Examples (Class 10 and 12)
The letter to editor format explained for CBSE Class 10 and 12,…